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दीपावली अमावस्या महाकाली शक्तिआराधना एवं काली स्तोत्र पाठ

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8 नवंबर 2026 | कोलकाता में महाकाली पुष्प अर्चना, काली स्तोत्र पाठ और आत्मबल हेतु नाम-गोत्र से संकल्प।

तिथि: 8 नवंबर 2026, रविवार | स्थान: कोलकाता — महाकाली उपासना स्थल

कोलकाता की काली पूजा परंपरा में दीपावली अमावस्या का विशेष महत्व है। देवी महाकाली की आराधना साहस, विवेक और आत्मबल की प्रार्थना है।

मुख्य विधि: लाल पुष्प अर्पण, काली स्तोत्र पाठ, नैवेद्य और देवी आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

FAQ

पूजा कब और कहाँ होगी?

कोलकाता — महाकाली उपासना स्थल में 8 नवंबर 2026, रविवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।

क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?

हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।

इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?

मुख्य विधियाँ हैं: श्रीगणेश स्मरण और सामूहिक नाम-गोत्र संकल्प; माँ महाकाली का आवाहन व पुष्प-अक्षत अर्पण; लाल पुष्प/जवा अर्चना, मंदिर-परंपरा के अनुसार; काली स्तोत्र का नियत पाठ; नैवेद्य एवं देवी आरती।

क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?

नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।

पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?

फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।

इस सेवा में क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह दोपहर का सामूहिक देवी पूजन है; रात्रिकालीन तांत्रिक साधना इसमें शामिल नहीं है।