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काशी अन्नपूर्णा महाभोग अर्पण एवं गृहस्थ-अन्नसमृद्धि महापूजन

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24 दिसंबर 2026 | काशी में माँ अन्नपूर्णा को महाभोग, स्तुति और आरती; परिवार के अन्न-मंगल हेतु संकल्प।

तिथि: 24 दिसंबर 2026, गुरुवार | स्थान: काशी तीर्थ क्षेत्र — माँ अन्नपूर्णा उपासना स्थल

काशी की अन्नपूर्णा उपासना भोजन को प्रसाद मानने और अन्न के सम्मान की परंपरा से जुड़ी है। महाभोग अर्पण परिवार के पोषण की प्रार्थना है।

मुख्य विधि: माँ अन्नपूर्णा पूजन, अन्न-भोग अर्पण, स्तुति एवं आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

FAQ

पूजा कब और कहाँ होगी?

काशी तीर्थ क्षेत्र में 24 दिसंबर 2026, गुरुवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।

क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?

हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।

इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?

मुख्य विधियाँ हैं: गणेश एवं माँ अन्नपूर्णा स्मरण, नाम-गोत्र संकल्प; माता का पुष्प-अक्षत और नैवेद्य पूजन; निर्धारित अन्न/भोग सामग्री का महाअर्पण; अन्नपूर्णा स्तुति एवं अन्नदान का सद्भाव संकल्प; देवी आरती तथा समापन प्रार्थना।

क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?

नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।

पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?

फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।

इस सेवा में क्या ध्यान रखना चाहिए?

इस सेवा में महाभोग अर्पण है। अन्न वितरण या ब्राह्मण भोजन की अलग सेवा इसमें शामिल नहीं है।