दशमहाविद्या सर्वसिद्धि एवं नवग्रह शांति महायज्ञ
19 अक्टूबर 2026, सोमवार | उज्जैन तीर्थ क्षेत्र — उज्जैन में महाअष्टमी विशेष दशमहाविद्या और नवग्रह शांति महायज्ञ—कुंडली दोष शांति, सर्वबाधा निवारण, शक्ति, सुरक्षा, सफलता और जीवन-प्रगति के लिए।
पूजा तिथि: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
तीर्थ क्षेत्र: उज्जैन तीर्थ क्षेत्र
दशमहाविद्या परंपरा देवी शक्ति के दस महाशक्ति स्वरूपों की संयुक्त उपासना से जुड़ी है। महाअष्टमी जैसे शक्ति-प्रधान अवसर पर यह साधना व्यापक संरक्षण, आत्मशक्ति, बाधा निवारण और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन की कामना से की जाती है।
उज्जैन तीर्थ क्षेत्र में इस महायज्ञ में आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर गणेश-कलश पूजन, नवग्रह शांति, दशमहाविद्या संयुक्त अर्चना, मंत्र-जप और विशेष हवन किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रह-दोष की शांति, नकारात्मक प्रभावों से रक्षा, कार्य-सिद्धि, करियर/व्यवसाय में प्रगति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति की कामना करना है।
FAQ
यह पूजा कब होगी?
यह पूजा 19 अक्टूबर 2026, सोमवार आयोजित होगी।
दशमहाविद्या में कौन-कौन से स्वरूप आते हैं?
परंपरागत दशमहाविद्या में काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी/षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की उपासना शामिल मानी जाती है।
क्या इसमें नवग्रह शांति भी शामिल है?
हाँ, इस महायज्ञ में दशमहाविद्या अर्चना के साथ नवग्रह पूजन और ग्रह-शांति मंत्र-जप शामिल रखा गया है।
यह पूजा किन उद्देश्यों के लिए है?
ग्रह-दोष शांति, बाधा निवारण, सुरक्षा, कार्य-सफलता, करियर/व्यवसाय प्रगति और सुख-समृद्धि की कामना से।
