पाप ग्रह राहु-केतु दोष निवारण चंडी शक्ति विशेष हवन
18 अक्टूबर 2026, रविवार | काशी तीर्थ क्षेत्र — काशी में राहु-केतु दोष निवारण और चंडी शक्ति विशेष हवन—भ्रम, अचानक बाधा, बार-बार रुकावट और ग्रहजनित अशांति को शांत कर स्पष्टता व प्रगति के लिए।
पूजा तिथि: 18 अक्टूबर 2026, रविवार
तीर्थ क्षेत्र: काशी तीर्थ क्षेत्र
ज्योतिषीय परंपरा में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है और इनके अशुभ प्रभाव को भ्रम, अचानक रुकावट, अस्थिर निर्णय, अनिश्चितता और जीवन में बार-बार आने वाले उतार-चढ़ाव से जोड़ा जाता है। इसलिए राहु-केतु शांति पूजा ग्रहजनित अशांति को शांत करने की कामना से कराई जाती है।
काशी तीर्थ क्षेत्र में इस विशेष हवन में आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर राहु-केतु शांति मंत्र-जप, चंडी शक्ति आवाहन और हवन किया जाएगा। उद्देश्य राहु-केतु दोष से जुड़ी बाधाओं को शांत कर मन की स्पष्टता, सही निर्णय, कार्यों में गति और जीवन में स्थिरता की कामना करना है।
FAQ
यह पूजा कब होगी?
यह पूजा 18 अक्टूबर 2026, रविवार आयोजित होगी।
राहु-केतु दोष निवारण पूजा किसलिए कराई जाती है?
ज्योतिषीय परंपरा में राहु-केतु से जुड़ी मानसिक भ्रम, अचानक बाधा, अस्थिरता और रुकावट की शांति की कामना से।
क्या इसमें चंडी हवन भी शामिल है?
हाँ, इस सेवा में राहु-केतु शांति के साथ चंडी शक्ति विशेष हवन मुख्य भाग है।
क्या कुंडली देना जरूरी है?
सामान्य संकल्प के लिए नाम और गोत्र पर्याप्त हैं; यदि आपकी सेवा-व्यवस्था में कुंडली विकल्प उपलब्ध हो तो अतिरिक्त विवरण अलग से लिया जा सकता है।
