महाकाली रक्षा-कवच एवं सर्वबाधा निवारण साधना
19 अक्टूबर 2026, सोमवार | कोलकाता तीर्थ क्षेत्र — महाअष्टमी विशेष महाकाली साधना—भय, नकारात्मक ऊर्जा, विरोध और कठिन बाधाओं से रक्षा तथा आत्मशक्ति और निर्णायकता बढ़ाने के लिए।
पूजा तिथि: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
तीर्थ क्षेत्र: कोलकाता तीर्थ क्षेत्र
माँ महाकाली को शक्ति, निर्भयता और नकारात्मकता के विनाश का प्रचंड स्वरूप माना जाता है। महाअष्टमी के अवसर पर उनकी आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है और साधक इसे भय, विरोध, नकारात्मक प्रभाव तथा कठिन जीवन-बाधाओं से रक्षा के लिए करते हैं।
कोलकाता तीर्थ क्षेत्र में यह साधना आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर की जाएगी। इसमें महाकाली पूजन, रक्षा-कवच पाठ, गुड़हल अर्पण और मंत्र-जप के माध्यम से देवी से साहस, सुरक्षा, आत्मशक्ति और कठिन परिस्थितियों पर विजय की प्रार्थना की जाएगी।
FAQ
यह पूजा कब होगी?
यह पूजा 19 अक्टूबर 2026, सोमवार आयोजित होगी।
यह साधना किस उद्देश्य से कराई जाती है?
भय, नकारात्मक प्रभाव, विरोध, कठिन बाधाओं और मानसिक कमजोरी के शमन तथा देवी संरक्षण की कामना से।
क्या इसमें महाकाली कवच पाठ शामिल है?
हाँ, इस सेवा की निर्धारित विधि में महाकाली रक्षा-कवच पाठ और मंत्र-जप शामिल रखा गया है।
क्या इसे परिवार के लिए बुक कर सकते हैं?
हाँ, उपलब्ध Couple और Family विकल्प के अनुसार संकल्प कराया जा सकता है।
