रमा एकादशी नारायण-लक्ष्मी धनसमृद्धि एवं विष्णु महापाठ
5 नवंबर 2026, गुरुवार | काशी तीर्थ क्षेत्र। रमा एकादशी पर लक्ष्मी-नारायण की संयुक्त आराधना, तुलसी अर्पण और विष्णु सहस्रनाम पाठ में शामिल हों। परिवार में सौहार्द और गृहस्थ जीवन के संतुलन की प्रार्थना आपके नाम-गोत्र से होगी।
रमा एकादशी पर लक्ष्मी-नारायण की संयुक्त आराधना, तुलसी अर्पण और विष्णु सहस्रनाम पाठ में शामिल हों। परिवार में सौहार्द और गृहस्थ जीवन के संतुलन की प्रार्थना आपके नाम-गोत्र से होगी।
कार्तिक मास की रमा एकादशी वैष्णव भक्ति, संयम और सेवा की भावना से जुड़ी है। इस आयोजन में तुलसी-दल, पीले पुष्प और अक्षत अर्पण के साथ श्रीहरि-महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा।
पूजा कब और कहाँ होगी?
पूजा तिथि: 5 नवंबर 2026, गुरुवार
स्थान: काशी तीर्थ क्षेत्र
समय: दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)
बुकिंग बंद: पूजा-दिन दोपहर 12 बजे
मुख्य अनुष्ठान
गणेश स्मरण एवं नाम-गोत्र संकल्प; श्रीलक्ष्मी-नारायण आवाहन; तुलसी-दल, पीले पुष्प एवं अक्षत अर्पण; विष्णु सहस्रनाम का निर्धारित पाठ; श्रीहरि-महालक्ष्मी मंगल आरती।
सहभागिता कैसे होगी?
यह सामूहिक पूजा है। आप घर से सेवा बुक कर सकते हैं। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र संकल्प में शामिल होंगे। यह किसी परिवार के लिए अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान या मंदिर में प्रवेश की बुकिंग नहीं है।
FAQ
पूजा कब और कहाँ होगी?
काशी तीर्थ क्षेत्र में 5 नवंबर 2026, गुरुवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।
क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?
हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।
इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?
मुख्य विधियाँ हैं: गणेश स्मरण एवं नाम-गोत्र संकल्प; श्रीलक्ष्मी-नारायण आवाहन; तुलसी-दल, पीले पुष्प एवं अक्षत अर्पण; विष्णु सहस्रनाम का निर्धारित पाठ; श्रीहरि-महालक्ष्मी मंगल आरती।
क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?
नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।
पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?
फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।
