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छठ पर्व सूर्यनारायण आदित्यहृदय महापाठ एवं मंगल पूजन

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15 नवंबर 2026 | काशी में सूर्यनारायण अर्चना, आदित्यहृदय पाठ और परिवार के मंगल हेतु नाम-गोत्र संकल्प।

तिथि: 15 नवंबर 2026, रविवार | स्थान: काशी तीर्थ क्षेत्र — सूर्य/गंगा उपासना स्थल

छठ पर्व सूर्योपासना, अनुशासन और परिवार के मंगल से जुड़ा लोकपर्व है। इस सेवा में सूर्यनारायण का सांकेतिक पूजन और आदित्यहृदय पाठ शामिल हैं।

मुख्य विधि: सूर्य अर्चना, आदित्यहृदय स्तोत्र, फल-नैवेद्य और आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

FAQ

पूजा कब और कहाँ होगी?

काशी तीर्थ क्षेत्र में 15 नवंबर 2026, रविवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।

क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?

हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।

इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?

मुख्य विधियाँ हैं: सूर्यनारायण का स्मरण एवं नाम-गोत्र संकल्प; ताम्रपात्र और पुष्प द्वारा सांकेतिक सूर्य अर्चना; आदित्यहृदय स्तोत्र का निर्धारित पाठ; फल-नैवेद्य और सूर्य मंगल मंत्र; आरती व परिवार कल्याण प्रार्थना।

क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?

नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।

पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?

फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।

इस सेवा में क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह दोपहर का स्तोत्र पाठ है; छठ व्रत या सूर्यास्त के संध्या अर्घ्य की सेवा इसमें शामिल नहीं है।