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कालभैरव जयंती भैरवाष्टक एवं संकटशांति विशेष महापूजा

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1 दिसंबर 2026 | काशी में कालभैरव पूजन, भैरवाष्टक पाठ और कठिन समय में धैर्य हेतु सामूहिक नाम-गोत्र संकल्प।

तिथि: 1 दिसंबर 2026, मंगलवार | स्थान: काशी तीर्थ क्षेत्र — कालभैरव उपासना स्थल

काशी में भगवान कालभैरव नगररक्षक माने जाते हैं। भैरव जयंती पर उनका स्मरण धैर्य, आत्मसंयम और संकट में विवेक की प्रार्थना से जुड़ा है।

मुख्य विधि: कालभैरव अर्चना, भैरवाष्टक पाठ, भोग अर्पण और आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

FAQ

पूजा कब और कहाँ होगी?

काशी तीर्थ क्षेत्र में 1 दिसंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।

क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?

हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।

इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?

मुख्य विधियाँ हैं: गणेश एवं शिव स्मरण, नाम-गोत्र संकल्प; भगवान कालभैरव का आवाहन; पुष्प एवं परंपरानुसार भोग का अर्पण; कालभैरवाष्टक का विधिपूर्वक पाठ; भैरव मंगल आरती और प्रार्थना।

क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?

नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।

पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?

फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।