काशी कार्तिक पूर्णिमा त्रिपुरारी शिव आराधना एवं विशेष अभिषेक
24 नवंबर 2026 | काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर त्रिपुरारी शिव अभिषेक, बिल्व अर्पण और नाम-गोत्र संकल्प।
तिथि: 24 नवंबर 2026, मंगलवार | स्थान: काशी तीर्थ क्षेत्र — शिव मंदिर एवं गंगा घाट
कार्तिक पूर्णिमा पर काशी में त्रिपुरारी शिव स्मरण का विशेष महत्व है। महादेव का अभिषेक और शिव स्तोत्र श्रद्धा तथा आंतरिक शांति की कामना से जुड़े हैं।
मुख्य विधि: शिव अभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण, त्रिपुरारी स्तुति और आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।
FAQ
पूजा कब और कहाँ होगी?
काशी तीर्थ क्षेत्र में 24 नवंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।
क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?
हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।
इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?
मुख्य विधियाँ हैं: नाम-गोत्र संकल्प और गणेश पूजन; शिवलिंग का शुद्ध जल से अभिषेक; अनुमति अनुसार पंचामृत तथा बिल्वपत्र अर्पण; शिव स्तोत्र और त्रिपुरारी स्मरण; धूप-दीप, नैवेद्य और शिव आरती।
क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?
नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।
पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?
फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।
इस सेवा में क्या ध्यान रखना चाहिए?
इस सेवा में दोपहर का शिव अभिषेक शामिल है। शाम की घाट आरती और दीपदान अलग आयोजन हैं।

