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पापांकुशा एकादशी नारायण कृपा तुलसी अर्चना एवं विष्णु महापाठ

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22 अक्टूबर 2026 | काशी में पापांकुशा एकादशी पर तुलसी अर्चना, विष्णु पाठ और आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

तिथि: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार | स्थान: काशी तीर्थ क्षेत्र — श्रीविष्णु उपासना स्थल

पापांकुशा एकादशी श्रीहरि की भक्ति और संयम का पर्व है। काशी में तुलसी अर्चना तथा विष्णु नामस्मरण से परिवार के मंगल की प्रार्थना की जाती है।

मुख्य विधि: तुलसी अर्चना, विष्णु सहस्रनाम पाठ और मंगल आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

FAQ

पूजा कब और कहाँ होगी?

काशी तीर्थ क्षेत्र में 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।

क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?

हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।

इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?

मुख्य विधियाँ हैं: गणेश स्मरण एवं सामूहिक नाम-गोत्र संकल्प; श्रीहरि विष्णु का आवाहन और पुष्प-अक्षत पूजन; तुलसी दल का परंपरानुसार अर्पण; विष्णु सहस्रनाम का नियत पाठ; नैवेद्य, दीप एवं मंगल आरती।

क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?

नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।

पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?

फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।