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शनिदेव कर्मशांति तिल अर्चना एवं शनिस्तोत्र विशेष महापूजा

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प्रत्येक शनिवार | उज्जैन में शनिदेव को तिल अर्पण, शनि स्तोत्र पाठ और कर्मशांति हेतु नाम-गोत्र संकल्प।

तिथि: प्रत्येक शनिवार (अगली पूजा: 24 अक्टूबर 2026) | स्थान: उज्जैन तीर्थ क्षेत्र — शनिदेव उपासना स्थल

शनिदेव की आराधना कर्म, अनुशासन और धैर्य के स्मरण से जुड़ी है। उज्जैन में शनिवार को शनि स्तोत्र और तिल अर्पण से मंगल की प्रार्थना होती है।

मुख्य विधि: शनिदेव पूजन, काले तिल अर्पण, दशरथकृत शनि स्तोत्र और दीप आरती। सहभागिता: स्थानीय पुरोहित द्वारा सामूहिक पूजा में आपके नाम-गोत्र से संकल्प।

FAQ

पूजा कब और कहाँ होगी?

उज्जैन तीर्थ क्षेत्र में 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 2 से 4 बजे (भारतीय समय)। बुकिंग उसी दिन दोपहर 12 बजे तक।

क्या मेरे नाम और गोत्र से पूजा होगी?

हाँ। चुने गए एकल, युगल या परिवार विकल्प के अनुसार नाम और गोत्र सामूहिक संकल्प में शामिल होंगे। यह अलग व्यक्तिगत अनुष्ठान नहीं है।

इस पूजा में कौन-सी विधियाँ शामिल हैं?

मुख्य विधियाँ हैं: गणेश स्मरण तथा भक्त के नाम-गोत्र से संकल्प; शनिदेव का आवाहन और पुष्प-अक्षत पूजन; काले तिल का परंपरानुसार अर्पण; दशरथकृत शनि स्तोत्र का नियत पाठ; तिल-तेल दीप, नैवेद्य और आरती।

क्या मंदिर में उपस्थित होना या प्रसाद की डिलीवरी शामिल है?

नहीं। यह घर से बुक की जाने वाली सामूहिक सेवा है। मंदिर में व्यक्तिगत उपस्थिति और भौतिक प्रसाद की घर पर डिलीवरी इसमें शामिल नहीं हैं।

पूजा की फोटो और वीडियो कैसे मिलेंगे?

फोटो और वीडियो की उपलब्धता तथा उन्हें साझा करने की व्यवस्था बुकिंग में प्रकाशित सेवा-शर्तों के अनुसार होगी।